कधी तरी एक मराठी माणूस देशाचा पंतप्रधान व्हावा, ऐसी इच्छा स्वर्गीय बाळासाहेब ठाकरे जी ने कभी जताई थी। आज वही बात साकार होती नज़र आ रही है।
क्योंकि जल्द ही ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगली पारी में खुद को पीछे कर सकते हैं – ऐसे में सवाल उठता है कि भाजपा का अगला चेहरा कौन होगा?
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क्या नितिन गडकरी, जो एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता हैं, देश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं?
क्यों हैं नितिन गडकरी भाजपा के अगले प्रधानमंत्री पद के सबसे मज़बूत दावेदार?
नितिन गडकरी की कार्यकुशलता और विकास-केन्द्रित सोच से आज शायद ही कोई अनजान हो। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक करियर में खुद को एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है जो सिर्फ बातें नहीं करता, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करके दिखाता है। इसलिए सिर्फ सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्षी नेता भी गडकरी जी के काम और साफ़ छवि का सम्मान करते हैं।
2014 के बाद, जब उन्होंने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला, तभी से भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर एक नई रफ्तार से आगे बढ़ा। नेशनल हाईवे का विस्तार हो, Bharatmala Project, FASTag सिस्टम, या एक्सप्रेसवे नेटवर्क – गडकरी जी का हर कदम भारत को विकास की दिशा में और करीब लाता है।
उनके मंत्रालय को सबसे “performing ministry” कहा जाता है, और यही कारण है कि केवल सत्तापक्ष ही नहीं, बल्कि कई विपक्षी नेता भी सार्वजनिक रूप से उनकी तारीफ़ कर चुके हैं।
नितिन गडकरी का सीधा-सपाट बोलने का अंदाज़, और बिना लाग-लपेट की राजनीति उन्हें जनता और कार्यकर्ताओं दोनों के बीच लोकप्रिय बनाता है। वह न सिर्फ़ योजनाएं बनाते हैं, बल्कि समय पर उन्हें लागू भी करवाते हैं – जो उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाता है।
आज जब देश की राजनीति में एक नया चेहरा तलाशा जा रहा है, तो ये स्वाभाविक है कि भाजपा उनके अनुभव, स्वीकृति और विश्वसनीयता का लाभ उठाना चाहे।
हो सकता है कि आने वाले समय में, विकास और अनुभव का नाम ही अगला प्रधानमंत्री बन जाए – और वो नाम है नितिन गडकरी।
अगर नितिन गडकरी नहीं, तो भाजपा के पास और कौन हैं प्रधानमंत्री पद के दावेदार?
अगर किसी वजह से नितिन गडकरी जी ने प्रधानमंत्री पद की दौड़ में खुद को शामिल नहीं किया, या पार्टी ने उन्हें आगे नहीं किया — तो फिर सवाल उठता है कि क्या योगी आदित्यनाथ होंगे भाजपा का अगला चेहरा?
उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास जबरदस्त जनसमर्थन है। वे हिंदुत्व की राजनीति का सबसे मज़बूत चेहरा माने जाते हैं और कई लोग उन्हें मोदी जी के बाद का विकल्प मानते हैं।
| विशेषताएं / बिंदु | नितिन गडकरी | योगी आदित्यनाथ |
| वर्तमान पद | केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री |
| राजनीतिक अनुभव | 35+ साल, राज्य मंत्री, केंद्र में कैबिनेट मंत्री, पूर्व BJP अध्यक्ष | 25+ साल, सांसद (5 बार), 2017 से UP के मुख्यमंत्री |
| मुख्य पहचान | विकास पुरुष, इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट | हिन्दुत्व का मज़बूत चेहरा, कठोर निर्णय लेने वाले नेता |
| छवि (Image) | साफ, गैर-विवादित, सभी दलों में सम्मान | मजबूत लेकिन कुछ वर्गों में polarising |
| विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया | सम्मानजनक, अक्सर प्रशंसा मिली | तीखा विरोध, लेकिन जनसमर्थन मजबूत |
| RSS से संबंध | गहरा संबंध, संघ के भरोसेमंद | गोरक्षपीठ का आशीर्वाद, लेकिन संघ से थोड़ा दूरी पर |
| लोकप्रियता | मध्यम वर्ग, उद्यमी, शहरी जनता में लोकप्रिय | युवाओं, हिंदुत्व समर्थकों और ग्रामीण इलाकों में प्रभावी |
| नेतृत्व शैली | विकास-केन्द्रित, शांत, रणनीतिक | आक्रामक, फैसले लेने में तेज, भाषणों में तीव्रता |
| राष्ट्रीय स्वीकार्यता | सभी वर्गों में संतुलित छवि | हिंदुत्व समर्थकों में बेहद लोकप्रिय, लेकिन mixed reaction |
| PM बनने की संभावना | पार्टी का भरोसा और विपक्षी सहमति मिलने की संभावना | जनसमर्थन जबरदस्त, लेकिन विपक्षी एकता बाधा बन सकती |
नितिन गडकरी और योगी आदित्यनाथ – दोनों भाजपा के मजबूत चेहरे हैं।
गडकरी जी का विकास कार्य और साफ़ छवि उन्हें एक संतुलित विकल्प बनाते हैं, वहीं योगी जी का जनसमर्थन और हिंदुत्व छवि उन्हें लोकप्रिय बनाती है
