जाति के नाम पर इतना हंगामा क्यों?/Why so much uproar over caste?

भूमिका:

जाति के नाम पर इतना हंगामा क्यों हो रहा है? जानिए कैसे हमारी व्यवस्था आज भी जाति के आधार पर चल रही है, और इसका समाज पर क्या असर पड़ता है।”
आज हम बात करेंगे कि जाति के नाम पर इतना हंगामा क्यों मचता है, और इसकी जड़ें हमारी व्यवस्था में कितनी गहराई तक हैं।

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Caste Still Rules Our System

मुख्य भाग:

आज देश में जाति को लेकर बहस छिड़ी हुई है। सोशल मीडिया से लेकर संसद तक, हर जगह जाति आधारित घटनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लेकिन सवाल उठता है – क्या ये पहली बार हो रहा है? या फिर हम पहले से ही एक ऐसी व्यवस्था के हिस्से हैं, जहाँ जाति एक ‘छुपा हुआ सच’ है?
स्कूल में दाखिले से लेकर सरकारी नौकरियों तक, जाति आधारित आरक्षण की बात हो या सामाजिक पहचान—हमारी पूरी व्यवस्था जाति को एक मानक की तरह देखती है।
जब हर फॉर्म में “जाति” पूछी जाती है, जब हर योजना में “जातिगत लाभ” तय होता है, तो अगर कोई व्यक्ति जाति छुपाकर आगे बढ़ता है, तो वो गलत कैसे?

वास्तव में, यह बवाल नहीं — एक आईना है। जिसमें हम खुद को देख सकते हैं कि कैसे हमने जाति को खत्म नहीं किया, बस इसे नए रूप में अपना लिया।

निष्कर्ष:
अगर हम सच में जातिवाद के खिलाफ हैं, तो हमें पहले अपनी सोच और व्यवस्था को बदलना होगा। सिर्फ बवाल मचाकर नहीं, बदलाव लाकर

https://www.ndtv.com/india-news/centre-caste-census-move-in-interest-of-140-crore-citizens-yogi-adityanath-ashwini-vaishnaw-national-census-8298538